खरगोनमध्यप्रदेश

पंचायत उपनिर्वाचन 2026 संबंधित क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू

खरगोन की ख़बर. .. अनिल बिलवे

पंचायत उपनिर्वाचन 2026: संबंधित क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लागू

हथियार, विस्फोटक, आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट और बिना अनुमति सभा-रैली पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने जारी किए प्रतिबंधात्मक आदेश, उल्लंघन पर होगी वैधानिक कार्रवाई

 खरगोन से रिपोर्टर अनिल बिलवे की रिपोर्ट. ..

खरगोन  08 सितंबर 2026। मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रि-स्तरीय पंचायतों में रिक्त पदों के उपनिर्वाचन (पूर्वार्द्ध) 2026 की घोषणा के उपरांत संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो चुकी है। उपनिर्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने तथा लोक-परिशांति बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री गुरु प्रसाद ने ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक निषेधाज्ञा आदेश जारी किए हैं। यह आदेश जिले के संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों—ग्राम पंचायत (पंच पद)/वार्ड, जिला पंचायत क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 19, विकासखंड बड़वाह की ग्राम पंचायत नावा (सरपंच पद), विकासखंड कसरावद के जनपद पंचायत सदस्य निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 20 व ग्राम पंचायत सत्राटी (सरपंच पद) तथा विकासखंड खरगोन के जनपद पंचायत सदस्य निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 12 की सीमांतर्गत निर्वाचन परिणाम घोषित होने तक प्रभावशील रहेगा।

जारी आदेशानुसार संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थल पर आग्नेयास्त्र, खतरनाक धारदार हथियार, विस्फोटक सामग्री अथवा पटाखे लेकर नहीं चलेगा और न ही पटाखों का उपयोग करेगा। इसके साथ ही निर्वाचन अवधि के दौरान कांच की बोतलें, ईंट-पत्थर के टुकड़े एवं एसिड का संग्रहण करना अथवा उन्हें साथ लेकर चलना पूर्णतः वर्जित रहेगा। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सक्षम अधिकारी (रिटर्निंग अधिकारी) की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का जुलूस, रैली, आमसभा, वाहन रैली, हेलीकॉप्टर लैंडिंग या टेंट-पंडाल का निर्माण नहीं किया जा सकेगा, और न ही बिना विधिवत अनुमति के लाउडस्पीकर जैसे ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किया जा सकेगा।

सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी सख्त प्रावधान किए गए हैं। फेसबुक, व्हाट्सएप, ईमेल व अन्य संचार माध्यमों पर किसी धर्म, जाति, संप्रदाय, दल या व्यक्ति विशेष के विरुद्ध आम लोगों की भावनाएं भड़काने वाले अथवा कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले आपत्तिजनक संदेश, चित्र, कमेंट, वीडियो या पोस्टर अपलोड करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। ऐसा कृत्य पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के साथ-साथ ग्रुप एडमिन की भी जिम्मेदारी तय होगी। इसके अलावा, सुरक्षा के दृष्टिगत कोई भी व्यक्ति नया किराएदार रखने पर उसकी सूचना तत्काल संबंधित थाना प्रभारी को देगा, तथा होटल, लॉज व धर्मशाला प्रबंधकों को भी ठहरने वाले आगंतुकों की दैनिक जानकारी थाने में प्रस्तुत करनी होगी।

यह प्रतिबंधात्मक आदेश ड्यूटी पर तैनात कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों, पुलिस अधिकारियों, शासकीय कर्मचारियों, शवयात्रा अथवा जनाजे तथा विवाह समारोह के पारंपरिक आयोजनों पर लागू नहीं होगा। साथ ही सिख धर्म के अनुयायियों व विवाह के दूल्हा-दुल्हन को नियमानुसार कटार धारण करने की छूट रहेगी। जिला दंडाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है और इसका उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध गाइडलाइन के उल्लंघन की दशा में कठोर विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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